हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 7.41.4

मंडल 7 → सूक्त 41 → श्लोक 4 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 7)

ऋग्वेद: | सूक्त: 41
उ॒तेदानीं॒ भग॑वन्तः स्यामो॒त प्र॑पि॒त्व उ॒त मध्ये॒ अह्ना॑म् । उ॒तोदि॑ता मघव॒न्सूर्य॑स्य व॒यं दे॒वानां॑ सुम॒तौ स्या॑म ॥ (४)
हे भगदेव! हम इस समय एवं दिन का मध्य प्राप्त होने पर धनी बनें. हे धनस्वामी भग! हम सूर्योदय के समय देवों की कृपा प्राप्त करें. (४)
O God! Let's get rich when we get the middle of this time and the day. O rich god! We receive the grace of the gods at sunrise. (4)