हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 7.55.2

मंडल 7 → सूक्त 55 → श्लोक 2 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 7)

ऋग्वेद: | सूक्त: 55
यद॑र्जुन सारमेय द॒तः पि॑शङ्ग॒ यच्छ॑से । वी॑व भ्राजन्त ऋ॒ष्टय॒ उप॒ स्रक्वे॑षु॒ बप्स॑तो॒ नि षु स्व॑प ॥ (२)
हे श्वेत एवं पीले रंग के कुत्ते! जब भूंकते समय तुम दांत निकालते हो, तब आयुधों के समान चमकते हुए तुम्हारे दांत होंठों में बहुत अच्छे लगते हैं. इस समय तुम भली प्रकार ओ. (२)
Oh, white and yellow dogs! When you remove your teeth while you're roasting, your teeth look great in the lips, shining like weapons. At this time you are well o. (2)