हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 7.56.10

मंडल 7 → सूक्त 56 → श्लोक 10 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 7)

ऋग्वेद: | सूक्त: 56
प्रि॒या वो॒ नाम॑ हुवे तु॒राणा॒मा यत्तृ॒पन्म॑रुतो वावशा॒नाः ॥ (१०)
हे शीघ्रता करने वाले मरुतो! तुम्हारे प्यारे नाम हम पुकारते हैं. अभिलाषापूरक मरुद्गण इससे तृप्त होते हैं. (१०)
O you who hurry, Maruto! Your beloved name we call. The desireful deserts are satisfied with it. (10)