हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 7.56.8

मंडल 7 → सूक्त 56 → श्लोक 8 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 7)

ऋग्वेद: | सूक्त: 56
शु॒भ्रो वः॒ शुष्मः॒ क्रुध्मी॒ मनां॑सि॒ धुनि॒र्मुनि॑रिव॒ शर्ध॑स्य धृ॒ष्णोः ॥ (८)
हे मरुतो! तुम्हारा बल सब ओर शोभा वाला एवं तुम्हारे मन क्रोधपूर्ण हैं. शत्रु पराभवकारी एवं शक्तिशाली मरुद्गण का वेग स्तोता के समान अनेक प्रकार का शब्द करता है. (८)
O Maruto! Your strength is adorned everywhere and your mind is angry. The velocity of enemy defeators and powerful deserts makes many kinds of words similar to that of stota. (8)