ऋग्वेद (मंडल 7)
नू मि॒त्रो वरु॑णो अर्य॒मा न॒स्त्मने॑ तो॒काय॒ वरि॑वो दधन्तु । सु॒गा नो॒ विश्वा॑ सु॒पथा॑नि सन्तु यू॒यं पा॑त स्व॒स्तिभिः॒ सदा॑ नः ॥ (६)
मित्र, वरुण एवं अर्यमा हमारे लिए तथा हमारे पुत्रों के लिए धन दें. सभी मार्ग हमारे लिए उत्तम एवं चलने में सरल हों. हे देवो! तुम अपने कल्याणसाधनों द्वारा हमारी रक्षा करो. (६)
Friends, Varuna and Aryama, give money for us and for our sons. May all paths be good for us and easy to walk. Oh, God! You protect us by your welfare means. (6)