हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 7.74.2

मंडल 7 → सूक्त 74 → श्लोक 2 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 7)

ऋग्वेद: | सूक्त: 74
यु॒वं चि॒त्रं द॑दथु॒र्भोज॑नं नरा॒ चोदे॑थां सू॒नृता॑वते । अ॒र्वाग्रथं॒ सम॑नसा॒ नि य॑च्छतं॒ पिब॑तं सो॒म्यं मधु॑ ॥ (२)
हे नेता अश्विनीकुमारो! तुम्हारे पास जो उपभोग के योग्य धन है, उसे स्तोता के पास जाने की प्रेरणा दो. तुम समान रूप से प्रसन्न होकर अपना रथ हमारे सामने लाओ एवं मधुर सोमरस पिओ. (२)
O leader Ashwinikumaro! Inspire the money you have to go to the stota for consumption. You are equally pleased, bring your chariot in front of us and drink the sweet somras. (2)