हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 7.75.2

मंडल 7 → सूक्त 75 → श्लोक 2 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 7)

ऋग्वेद: | सूक्त: 75
म॒हे नो॑ अ॒द्य सु॑वि॒ताय॑ बो॒ध्युषो॑ म॒हे सौभ॑गाय॒ प्र य॑न्धि । चि॒त्रं र॒यिं य॒शसं॑ धेह्य॒स्मे देवि॒ मर्ते॑षु मानुषि श्रव॒स्युम् ॥ (२)
हे उषा! आज हमारी महान्‌ सुखप्राप्ति के लिए जागो एवं हमें महान्‌ सौभाग्य दो. हे मानवहितकारिणी उषादेवी! हमें यशयुक्त विचित्र धन दो एवं हम मानवों को अन्न वाला पुत्र दो. (२)
Oh, Usha! Wake up today for our great happiness and give us great fortune. O human-helper Ushadevi! Give us riches, and give us a son with food to human beings. (2)