हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 7.75.6

मंडल 7 → सूक्त 75 → श्लोक 6 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 7)

ऋग्वेद: | सूक्त: 75
प्रति॑ द्युता॒नाम॑रु॒षासो॒ अश्वा॑श्चि॒त्रा अ॑दृश्रन्नु॒षसं॒ वह॑न्तः । याति॑ शु॒भ्रा वि॑श्व॒पिशा॒ रथे॑न॒ दधा॑ति॒ रत्नं॑ विध॒ते जना॑य ॥ (६)
दीप्तिशालिनी उषा को वहन करने वाले, तेजस्वी एवं रंगबिरंगे घोड़े दिखाई दे रहे हैं. उज्ज्वल वर्ण वाली उषा अनेक रूपवाले रथ द्वारा सब जगह जाती है एवं अपने भक्त को रत्न देती है. (६)
Deepthishali Usha is seen bearing the stunning and colourful horses. Usha, who has bright colours, goes everywhere with a chariot with many forms and gives a gemstone to her devotee. (6)