हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 7.82.8

मंडल 7 → सूक्त 82 → श्लोक 8 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 7)

ऋग्वेद: | सूक्त: 82
अ॒र्वाङ्न॑रा॒ दैव्ये॒नाव॒सा ग॑तं श‍ृणु॒तं हवं॒ यदि॑ मे॒ जुजो॑षथः । यु॒वोर्हि स॒ख्यमु॒त वा॒ यदाप्यं॑ मार्डी॒कमि॑न्द्रावरुणा॒ नि य॑च्छतम् ॥ (८)
हे नेता इंद्र एवं वरुण! यदि तुम मुझसे प्रसन्न हो तो अपने दिव्य रक्षासाधनों के साथ आओ एवं मेरी पुकार सुनो. तुम्हारी मैत्री एवं बंधुता सुख का साधन है. उन्हें हमें प्रदान करो. (८)
O leaders Indra and Varuna! If you are pleased with Me, come with your divine means of protection and listen to My call. Your friendship and brotherhood are a means of happiness. Give them to us. (8)