हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 7.96.5

मंडल 7 → सूक्त 96 → श्लोक 5 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 7)

ऋग्वेद: | सूक्त: 96
ये ते॑ सरस्व ऊ॒र्मयो॒ मधु॑मन्तो घृत॒श्चुतः॑ । तेभि॑र्नोऽवि॒ता भ॑व ॥ (५)
हे सरस्वान्‌ देव! तुम्हारा जो जलसमूह रसयुक्त एवं वर्षा करने वाला है, उसीसे हमारी रक्षा करो. (५)
O Sarsavan God! Protect us from your water body which is juicy and raining. (5)