ऋग्वेद (मंडल 7)
बृ॒हदु॑ गायिषे॒ वचो॑ऽसु॒र्या॑ न॒दीना॑म् । सर॑स्वती॒मिन्म॑हया सुवृ॒क्तिभिः॒ स्तोमै॑र्वसिष्ठ॒ रोद॑सी ॥ (१)
हे वसिष्ठ! तुम नदियों में सर्वाधिक शक्तिशालिनी सरस्वती के लिए स्तोत्र का गान करो एवं द्यावा-पृथिवी में स्थित सरस्वती की पूजा दोषहीन स्तोत्रों द्वारा करो. (१)
O Vasishtha! You sing hymns for saraswati, the most powerful in the rivers, and worship saraswati located in dyava-prithivi through doshaless hymns. (1)
ऋग्वेद (मंडल 7)
उ॒भे यत्ते॑ महि॒ना शु॑भ्रे॒ अन्ध॑सी अधिक्षि॒यन्ति॑ पू॒रवः॑ । सा नो॑ बोध्यवि॒त्री म॒रुत्स॑खा॒ चोद॒ राधो॑ म॒घोना॑म् ॥ (२)
हे उज्ज्वल वर्ण वाली सरस्वती! तुम्हारी महिमा से मनुष्य दिव्य एवं पार्थिव दोनों प्रकार का अन्न प्राप्त करता है. तुम रक्षा वाली बनकर हमें जानो एवं मरुतों की सखी के रूप में हव्यदाताओं को धन प्रदान करो. (२)
O saraswati with bright colours! From your glory man receives both divine and earthly food. You become a protector, get to know us and give money to the devotees as the companions of the maruts. (2)
ऋग्वेद (मंडल 7)
भ॒द्रमिद्भ॒द्रा कृ॑णव॒त्सर॑स्व॒त्यक॑वारी चेतति वा॒जिनी॑वती । गृ॒णा॒ना ज॑मदग्नि॒वत्स्तु॑वा॒ना च॑ वसिष्ठ॒वत् ॥ (३)
कल्याण करने वाली सरस्वती हमारा कल्याण ही करें. शोभन गति वाली एवं अन्नस्वामिनी सरस्वती हम में बुद्धि उत्पन्न करें. मैं जमदग्नि के समान तुम्हारी स्तुति कर रहा हूं. तुम वसिष्ठ अर्थात् मेरे उपर्युक्त स्तोत्र पाओ. (३)
The welfare-doer Saraswati should do our welfare. May the one with a good speed and the annaswamini Saraswati instill in us the wisdom. I am praising you like Jamdagni. You get Vasishtha i.e. my above mentioned hymns. (3)
ऋग्वेद (मंडल 7)
ज॒नी॒यन्तो॒ न्वग्र॑वः पुत्री॒यन्तः॑ सु॒दान॑वः । सर॑स्वन्तं हवामहे ॥ (४)
पत्नी एवं पुत्र की कामना करने वाले एवं शोभन दानयुक्त हम स्तोता नामक देव की स्तुति करते हैं. (४)
We praise the god named Stota, who wishes for his wife and son and is blessed with charity. (4)
ऋग्वेद (मंडल 7)
ये ते॑ सरस्व ऊ॒र्मयो॒ मधु॑मन्तो घृत॒श्चुतः॑ । तेभि॑र्नोऽवि॒ता भ॑व ॥ (५)
हे सरस्वान् देव! तुम्हारा जो जलसमूह रसयुक्त एवं वर्षा करने वाला है, उसीसे हमारी रक्षा करो. (५)
O Sarsavan God! Protect us from your water body which is juicy and raining. (5)
ऋग्वेद (मंडल 7)
पी॒पि॒वांसं॒ सर॑स्वतः॒ स्तनं॒ यो वि॒श्वद॑र्शतः । भ॒क्षी॒महि॑ प्र॒जामिष॑म् ॥ (६)
हम सबके दर्शनीय एवं बुद्धिशाली सरस्वान् देव के जलधारक स्तोत्र को पाकर बुद्धि एवं अन्न प्राप्त करें. (६)
Let us all find wisdom and food by getting the water-holding hymn of the visible and wise Sarsavandev. (6)