हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.18.1

मंडल 8 → सूक्त 18 → श्लोक 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 18
इ॒दं ह॑ नू॒नमे॑षां सु॒म्नं भि॑क्षेत॒ मर्त्यः॑ । आ॒दि॒त्याना॒मपू॑र्व्यं॒ सवी॑मनि ॥ (१)
इस समय अदितिपुत्र देवों की प्रेरणा से स्तोता अभिनव सुख की याचना करें. (१)
At this time, with the inspiration of the Aditiputra Devas, ask for the innovative happiness of The Stota. (1)