हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.18.11

मंडल 8 → सूक्त 18 → श्लोक 11 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 18
यु॒योता॒ शरु॑म॒स्मदाँ आदि॑त्यास उ॒ताम॑तिम् । ऋध॒ग्द्वेषः॑ कृणुत विश्ववेदसः ॥ (११)
हे आदित्यो! हिंसक शत्रु एवं दुष्ट-बुद्धि को हमसे दूर करो. हे सर्वज्ञ आदित्यो! शत्रुओं को हमसे अलग करो. (११)
Hey Aditya! Remove from us the violent enemy and evil-mindedness. O all-knowing Adityas! Separate the enemies from us. (11)