हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.19.15

मंडल 8 → सूक्त 19 → श्लोक 15 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 19
तद॑ग्ने द्यु॒म्नमा भ॑र॒ यत्सा॒सह॒त्सद॑ने॒ कं चि॑द॒त्रिण॑म् । म॒न्युं जन॑स्य दू॒ढ्यः॑ ॥ (१५)
हे अग्नि! हमें वह धन दो जो घर में वर्तमान राक्षस आदि को पराजित करता है एवं पापबुद्धि मनुष्य के क्रोध को दबाता है. (१५)
O agni! Give us the money that defeats the present demons etc. in the house and suppresses the wrath of the sinful man. (15)