हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.20.11

मंडल 8 → सूक्त 20 → श्लोक 11 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 20
स॒मा॒नम॒ञ्ज्ये॑षां॒ वि भ्रा॑जन्ते रु॒क्मासो॒ अधि॑ बा॒हुषु॑ । दवि॑द्युतत्यृ॒ष्टयः॑ ॥ (११)
इन मरुतों का रूप प्रकट करने वाला आभरण समान है, इनकी भुजाओं में तेजस्वी सुनहरे हार विराजते हैं. इनके हाथों में आयुध चमकते हैं. (११)
The filling that reveals the form of these maruts is the same, with bright golden necklaces in their arms. The armaments shine in their hands. (11)