हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.20.23

मंडल 8 → सूक्त 20 → श्लोक 23 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 20
मरु॑तो॒ मारु॑तस्य न॒ आ भे॑ष॒जस्य॑ वहता सुदानवः । यू॒यं स॑खायः सप्तयः ॥ (२३)
हे शोभन दान वाले, सखा एवं गतिशील मरुतो! तुम अपनी ओषधि हमारे समीप लाओ. (२३)
O you who are sociable, the strong and dynamic Maruto! You bring your medicine to us. (23)