हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.20.5

मंडल 8 → सूक्त 20 → श्लोक 5 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 20
अच्यु॑ता चिद्वो॒ अज्म॒न्ना नान॑दति॒ पर्व॑तासो॒ वन॒स्पतिः॑ । भूमि॒र्यामे॑षु रेजते ॥ (५)
हे मरुतो! जिस समय तुम युद्ध में जाते हो, उस समय अच्युत पर्वत एवं वनस्पतियां बार-बार शब्द करती हैं तथा धरती कांपती है. (५)
O Maruto! At the time you go to war, the Achyuta mountains and vegetation repeatedly make words and the earth trembles. (5)