ऋग्वेद (मंडल 8)
इ॒मं घा॑ वी॒रो अ॒मृतं॑ दू॒तं कृ॑ण्वीत॒ मर्त्यः॑ । पा॒व॒कं कृ॒ष्णव॑र्तनिं॒ विहा॑यसम् ॥ (१९)
वीर मनुष्य ने इन मरणरहित, पवित्र करने वाले, काले मार्ग वाले एवं महान् अग्नि को अपना दूत बनाया था. (१९)
The heroic man had made these mortals, the sanctifying, the black way, and the great agni his messenger. (19)