हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.23.6

मंडल 8 → सूक्त 23 → श्लोक 6 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 23
अग्ने॑ या॒हि सु॑श॒स्तिभि॑र्ह॒व्या जुह्वा॑न आनु॒षक् । यथा॑ दू॒तो ब॒भूथ॑ हव्य॒वाह॑नः ॥ (६)
हे हव्य वहन करने वाले अग्नि! तुम देवों के दूत हो, इसलिए देवों को हव्य देते हुए शोभन स्तुतियों के साथ आओ. (६)
O agni that carries the wind! You are the messengers of the gods, so come with shobhan praises, giving greetings to the gods. (6)