हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.25.11

मंडल 8 → सूक्त 25 → श्लोक 11 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 25
ते नो॑ ना॒वमु॑रुष्यत॒ दिवा॒ नक्तं॑ सुदानवः । अरि॑ष्यन्तो॒ नि पा॒युभिः॑ सचेमहि ॥ (११)
हे शोभन-दान वाले एवं अहिंसित मरुतो! तुम रात-दिन हमारी नाव की रक्षा करो तुम्हारे पालन से हम एकत्र होंगे. (११)
O blessed and non-violent Maruto! Protect our boat day and night, by your observance we will gather. (11)