हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.25.14

मंडल 8 → सूक्त 25 → श्लोक 14 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 25
उ॒त नः॒ सिन्धु॑र॒पां तन्म॒रुत॒स्तद॒श्विना॑ । इन्द्रो॒ विष्णु॑र्मी॒ढ्वांसः॑ स॒जोष॑सः ॥ (१४)
जल बरसाने वाले बादल, मरुद्गण, अश्विनीकुमार, इंद्र, वरुण एवं सभी अभिलाषापूरक देव मिलकर हमारी रक्षा करें. (१४)
May the water-raining clouds, the deserts, the Ashwinikumar, Indra, Varuna and all the desire-filled gods come together to protect us. (14)