ऋग्वेद (मंडल 8)
अ॒ग्निनेन्द्रे॑ण॒ वरु॑णेन॒ विष्णु॑नादि॒त्यै रु॒द्रैर्वसु॑भिः सचा॒भुवा॑ । स॒जोष॑सा उ॒षसा॒ सूर्ये॑ण च॒ सोमं॑ पिबतमश्विना ॥ (१)
हे अश्चिनीकुमारो! तुम अग्नि, इंद्र, वरुण, विष्णु, आदित्यों, रुद्रों, वसुओं उषा तथा सूर्य के साथ मिलकर सोमरस पिओ. (१)
O aschinikumaro! You drink somras together with Agni, Indra, Varuna, Vishnu, Adityas, Rudras, Vasus, Usha and Surya. (1)
ऋग्वेद (मंडल 8)
विश्वा॑भिर्धी॒भिर्भुव॑नेन वाजिना दि॒वा पृ॑थि॒व्याद्रि॑भिः सचा॒भुवा॑ । स॒जोष॑सा उ॒षसा॒ सूर्ये॑ण च॒ सोमं॑ पिबतमश्विना ॥ (२)
हे शक्तिशाली अश्विनीकुमारो! तुम समस्त बुद्धियों, सब प्राणियों, द्युलोक, पृथ्वी, पर्वतों, उषा तथा सूर्य के साथ मिलकर सोमरस पिओ. (२)
O mighty Ashwinikumaro! You drink somras together with all the intellects, all beings, doloka, earth, mountains, usha and sun. (2)
ऋग्वेद (मंडल 8)
विश्वै॑र्दे॒वैस्त्रि॒भिरे॑काद॒शैरि॒हाद्भिर्म॒रुद्भि॒र्भृगु॑भिः सचा॒भुवा॑ । स॒जोष॑सा उ॒षसा॒ सूर्ये॑ण च॒ सोमं॑ पिबतमश्विना ॥ (३)
हे अश्चिनीकुमारो! तुम इस यज्ञ में हव्य भक्षण करने वाले तेतीस देवों, मरुतों, भृगुओं, उषा एवं सूर्य के साथ सोमरस पिओ. (३)
O aschinikumaro! You should drink somras with thirty-three gods, maruts, bhrigus, usha and sun who eat havya in this yajna. (3)
ऋग्वेद (मंडल 8)
जु॒षेथां॑ य॒ज्ञं बोध॑तं॒ हव॑स्य मे॒ विश्वे॒ह दे॑वौ॒ सव॒नाव॑ गच्छतम् । स॒जोष॑सा उ॒षसा॒ सूर्ये॑ण॒ चेषं॑ नो वोळ्हमश्विना ॥ (४)
हे अश्विनीकुमारो! तुम इस यज्ञ का सेवन करो एवं मेरी पुकार सुनो. तुम इस यज्ञ के तीनों सवनों में आओ एवं उषा व सूर्य के साथ मिलकर अन्न स्वीकार करो. (४)
O Ashwinikumaro! You eat this yajna and listen to my call. You come to the three saans of this yajna and together with Usha and Surya, accept the food. (4)
ऋग्वेद (मंडल 8)
स्तोमं॑ जुषेथां युव॒शेव॑ क॒न्यनां॒ विश्वे॒ह दे॑वौ॒ सव॒नाव॑ गच्छतम् । स॒जोष॑सा उ॒षसा॒ सूर्ये॑ण॒ चेषं॑ नो वोळ्हमश्विना ॥ (५)
हे देव अश्विनीकुमारो! जिस प्रकार युवक कन्याओं की पुकार पर ध्यान देते हैं, उसी प्रकार तुम हमारे यज्ञ में स्तोत्रों को स्वीकार करो. तुम इस यज्ञ के तीनों सवनों में आओ एवं उषा व सूर्य के साथ मिलकर हमारा अन्न स्वीकार करो. (५)
Oh God Ashwinikumaro! Just as young men pay attention to the call of the daughters, so also accept the hymns in our yajna. You come to the three saans of this yajna and together with Usha and Surya, accept our food. (5)
ऋग्वेद (मंडल 8)
गिरो॑ जुषेथामध्व॒रं जु॑षेथां॒ विश्वे॒ह दे॑वौ॒ सव॒नाव॑ गच्छतम् । स॒जोष॑सा उ॒षसा॒ सूर्ये॑ण॒ चेषं॑ नो वोळ्हमश्विना ॥ (६)
हे देव अश्चिनीकुमारो! तुम हमारी स्तुति सुनो, यज्ञ को स्वीकार करो, इस यज्ञ के तीनों सवनों में आओ एवं उषा व सूर्य के साथ मिलकर हमारा अन्न ग्रहण करो. (६)
O God, Ashchinikumaro! Listen to our praise, accept the yajna, come to the three saans of this yajna and take our food together with Usha and the Sun. (6)
ऋग्वेद (मंडल 8)
हा॒रि॒द्र॒वेव॑ पतथो॒ वनेदुप॒ सोमं॑ सु॒तं म॑हि॒षेवाव॑ गच्छथः । स॒जोष॑सा उ॒षसा॒ सूर्ये॑ण च॒ त्रिर्व॒र्तिर्या॑तमश्विना ॥ (७)
हे अश्विनीकुमारो! हारिद्रव पक्षी जिस प्रकार जल पर गिरते हैं, उसी प्रकार तुम सोमरस पर गिरो. भैंसा जिस प्रकार जल की ओर आता है, उसी प्रकार तुम सोमरस की ओर आओ. तुम उषा एवं सूर्य के साथ मिलकर तीनों सवनों में आओ. (७)
O Ashwinikumaro! Just as Haridrava birds fall on water, so you fall on somers. Just as the buffalo comes towards the water, so you come to the somras. You come together with Usha and Surya in all the three sawans. (7)
ऋग्वेद (मंडल 8)
हं॒सावि॑व पतथो अध्व॒गावि॑व॒ सोमं॑ सु॒तं म॑हि॒षेवाव॑ गच्छथः । स॒जोष॑सा उ॒षसा॒ सूर्ये॑ण च॒ त्रिर्व॒र्तिर्या॑तमश्विना ॥ (८)
हे अश्विनीकुमारो! हंस एवं पथिक जिस प्रकार जल पर गिरते हैं, उसी प्रकार तुम सोमरस पर गिरो. भैंसा जिस प्रकार जल की ओर आता है, उसी प्रकार तुम सोम की ओर आओ. तुम उषा एवं सूर्य के साथ मिलकर तीनों सवनों में आओ. (८)
O Ashwinikumaro! Just as the swans and the swans fall on the water, so you fall on the somras. Just as the buffalo comes towards the water, so you come towards the mon. You come together with Usha and Surya in all the three sawans. (8)