हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.41.1

मंडल 8 → सूक्त 41 → श्लोक 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 41
अ॒स्मा ऊ॒ षु प्रभू॑तये॒ वरु॑णाय म॒रुद्भ्योऽर्चा॑ वि॒दुष्ट॑रेभ्यः । यो धी॒ता मानु॑षाणां प॒श्वो गा इ॑व॒ रक्ष॑ति॒ नभ॑न्तामन्य॒के स॑मे ॥ (१)
हे स्तोता! अधिक धन पाने के लिए वरुण एवं अधिक विद्वान्‌ मरुतों की स्तुति करो. वे गायों के समान ही मानवों के पशुओं की रक्षा करते हैं. वरुण हमारे सभी शत्रुओं को मारें. (१)
This is the hymn! Praise Varuna and more learned maruts for getting more money. They protect the animals of humans just like cows. Varuna kills all our enemies. (1)