हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.44.23

मंडल 8 → सूक्त 44 → श्लोक 23 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 44
यद॑ग्ने॒ स्याम॒हं त्वं त्वं वा॑ घा॒ स्या अ॒हम् । स्युष्टे॑ स॒त्या इ॒हाशिषः॑ ॥ (२३)
हे अग्नि! यदि मैं तुम्हारे समान बहुत धन वाला हो जाऊं और तुम मेरे समान दरिद्र बन जाओ, तब तुम्हारा आशीर्वाद सत्य हो. (२३)
O agni! If I become as rich as you and you become as poor as I am, then your blessings be true. (23)