ऋग्वेद (मंडल 8)
यद॑ग्ने॒ स्याम॒हं त्वं त्वं वा॑ घा॒ स्या अ॒हम् । स्युष्टे॑ स॒त्या इ॒हाशिषः॑ ॥ (२३)
हे अग्नि! यदि मैं तुम्हारे समान बहुत धन वाला हो जाऊं और तुम मेरे समान दरिद्र बन जाओ, तब तुम्हारा आशीर्वाद सत्य हो. (२३)
O agni! If I become as rich as you and you become as poor as I am, then your blessings be true. (23)