हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.45.24

मंडल 8 → सूक्त 45 → श्लोक 24 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 45
इ॒ह त्वा॒ गोप॑रीणसा म॒हे म॑न्दन्तु॒ राध॑से । सरो॑ गौ॒रो यथा॑ पिब ॥ (२४)
हे इंद्र! लोग महान्‌ धन पाने के लिए तुम्हें गाय के दूध से मिले सोमरस द्वारा प्रसन्न करें. तुम गौरमृग के समान सोमरस पिओ. (२४)
O Indra! People to get great wealth please you with the somras found in cow's milk. You drink somers like gourds. (24)