हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.46.25

मंडल 8 → सूक्त 46 → श्लोक 25 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 46
आ नो॑ वायो म॒हे तने॑ या॒हि म॒खाय॒ पाज॑से । व॒यं हि ते॑ चकृ॒मा भूरि॑ दा॒वने॑ स॒द्यश्चि॒न्महि॑ दा॒वने॑ ॥ (२५)
हे वायु! तुम महान्‌ धन एवं पूज्य बल देने के लिए हमारे पास आओ. हम अधिक धन देने वाले तुम्हारी स्तुति उसी समय करते हैं. (२५)
O air! You come to us to give great wealth and godly strength. We praise you for giving more money at the same time. (25)