ऋग्वेद (मंडल 8)
यो अश्वे॑भि॒र्वह॑ते॒ वस्त॑ उ॒स्रास्त्रिः स॒प्त स॑प्तती॒नाम् । ए॒भिः सोमे॑भिः सोम॒सुद्भिः॑ सोमपा दा॒नाय॑ शुक्रपूतपाः ॥ (२६)
हे सोमरस पीने वाले एवं दीप्ति तथा पवित्र सोमरस पीने वाले वायु! अश्चों द्वारा चलने वाले, गृह में निवास करने वाले एवं चौदह सौ सत्तर गायों के साथ चलने वाले पृथुश्रवा तुम्हें सोमरस देने के लिए ही सोमरस निचोड़ने वालों के साथ मिले हैं. (२६)
O you who drink somers and drink the light, and the air who drink the holy somras! The prithushravas who walk by the assh, dwell in the house and walk with fourteen hundred and seventy cows have met with those who squeeze the somras only to give you somras. (26)