ऋग्वेद (मंडल 8)
नृ॒वद्द॑स्रा मनो॒युजा॒ रथे॑न पृथु॒पाज॑सा । सचे॑थे अश्विनो॒षस॑म् ॥ (२)
हे नेताओं के समान एवं दर्शनीय अश्विनीकुमारो! तुम अपने रथ द्वारा उषा से मिलो. तुम्हारे पर्याप्त अन्न वाले रथ में तुम्हारे द्वारा इच्छा करते ही घोड़े जुड़ जाते हैं. (२)
O like the leaders and the seeable AshwaniKumaro! You meet Usha by your chariot. Horses are added to your chariot with enough grain as soon as you desire. (2)