हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.62.4

मंडल 8 → सूक्त 62 → श्लोक 4 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 62
कुह॑ स्थः॒ कुह॑ जग्मथुः॒ कुह॑ श्ये॒नेव॑ पेतथुः । अन्ति॒ षद्भू॑तु वा॒मवः॑ ॥ (४)
हे अश्विनीकुमारो! तुम कहां हो, कहां जाते हो और बाज के समान कहां गिरते हो? तुम्हारी रक्षा हमारे समीप रहे. (४)
O Ashwinikumaro! Where are you, where do you go, and where do you fall like a hawk? May your defense be near us. (4)