ऋग्वेद (मंडल 8)
यद॒द्य कर्हि॒ कर्हि॑ चिच्छुश्रू॒यात॑मि॒मं हव॑म् । अन्ति॒ षद्भू॑तु वा॒मवः॑ ॥ (५)
हे अश्विनीकुमारो! हमें यह पता नहीं है कि आज तुम कहां और कब हमारी पुकार सुनोगे? तुम्हारी रक्षा हमारे पास रहे. (५)
O Ashwinikumaro! We don't know where and when you will hear our call today. Your defenses stay with us. (5)