हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.68.3

मंडल 8 → सूक्त 68 → श्लोक 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 68
त्वं सो॑म तनू॒कृद्भ्यो॒ द्वेषो॑भ्यो॒ऽन्यकृ॑तेभ्यः । उ॒रु य॒न्तासि॒ वरू॑थम् ॥ (३)
हे सोम! तुम शरीर का छेदन करने वाले अन्य राक्षसों के प्रिय कार्यो से हमारी रक्षा करते हो. (३)
Hey Mon! You protect us from the beloved actions of other demons who pierce the body. (3)