ऋग्वेद (मंडल 8)
त्वं चि॒त्ती तव॒ दक्षै॑र्दि॒व आ पृ॑थि॒व्या ऋ॑जीषिन् । यावी॑र॒घस्य॑ चि॒द्द्वेषः॑ ॥ (४)
हे ऋजीष वाले सोम! तुम अपनी प्रजा और बलों द्वारा ्युलोक एवं धरती से हमें मारने वाले शत्रु के कार्यो को अलग करो. (४)
O Sages Mon! Separate the actions of the enemy who killed us from the earth and by your people and forces. (4)