हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.7.1

मंडल 8 → सूक्त 7 → श्लोक 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 7
प्र यद्वस्त्रष्टुभमिषं मरुतो विप्रो अक्षरत्‌, वि पर्वतेषु राजथ.. (१)
हे मरुतो! जब विद्वान्‌ ब्राहमण तीनों सवनों में प्रशंसनीय अन्न डालते हैं, तब तुम पर्वतो में प्रकाशित होते हो. (१)
O Maruto! When the learned Brahmins pour praiseworthy food into the three sawas, you are illuminated in the mountains. (1)