हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.7.26

मंडल 8 → सूक्त 7 → श्लोक 26 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 7
उशना यत्परावत उक्ष्णो रन्ध्रमयातन. द्यौर्न चक्रदद्भिया.. (२६)
हे मरुतो! तुम उशना ऋषि की स्तुति सुनकर अपने वर्षा करने वाले रथ द्वारा दूर स्थान से आए थे. उस समय धरती डर से द्युलोक के समान कांपने लगी थी. (२६)
O Maruto! You came from a far away place by your raining chariot after hearing the praise of the sage Ushna. At that time, the earth trembled like a doloka in fear. (26)