हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.7.30

मंडल 8 → सूक्त 7 → श्लोक 30 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 7
कदा गच्छाथ मरुत इत्था विप्रं हवमानम्‌, मार्डीकेभिर्नाधमानम्‌.. (३०)
हे मरुतो! तुम इस प्रकार पुकारने वाले, याचना करते हुए एवं बुद्धिमान्‌ स्तोता के पास सुख का कारण धन लेकर कब आओगे? (३०)
O Maruto! When will you come to the wise stota with money, who so calls, begs, and the wise stota, the reason for happiness? (30)