हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.73.6

मंडल 8 → सूक्त 73 → श्लोक 6 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 73
अधा॒ त्वं हि न॒स्करो॒ विश्वा॑ अ॒स्मभ्यं॑ सुक्षि॒तीः । वाज॑द्रविणसो॒ गिरः॑ ॥ (६)
हे अग्नि! तुम ही हमारी स्तुतियां सुनकर हमें उत्तम धन, घर एवं अन्न प्रदान करो. (६)
O agni! You are the ones who hear our praises and give us the best wealth, house and food. (6)