हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 74
आ मे॒ हवं॑ नास॒त्याश्वि॑ना॒ गच्छ॑तं यु॒वम् । मध्वः॒ सोम॑स्य पी॒तये॑ ॥ (१)
सत्यस्वरूप अश्विनीकुमारो! तुम मेरी पुकार सुनकर मधुर सोमरस पीने के लिए मेरे यज्ञ में आओ. (१)
Satyaswaroop Ashwinikumaro! You hear my call and come to my yajna to drink the sweet somras. (1)

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 74
इ॒मं मे॒ स्तोम॑मश्विने॒मं मे॑ श‍ृणुतं॒ हव॑म् । मध्वः॒ सोम॑स्य पी॒तये॑ ॥ (२)
हे अश्विनीकुमारो! मधुर सोमरस पीने के लिए मेरी इन स्तुतियों एवं पुकार को सुनो. (२)
O Ashwinikumaro! Listen to these praises and cries of mine to drink sweet somras. (2)

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 74
अ॒यं वां॒ कृष्णो॑ अश्विना॒ हव॑ते वाजिनीवसू । मध्वः॒ सोम॑स्य पी॒तये॑ ॥ (३)
हे अन्नयुक्त धन के स्वामी अश्विनीकुमारो! यह कृष्ण नामक ऋषि मधुर सोमरस पीने के लिए तुम्हें बुलाता है. (३)
O Lord of the riches, O Ashwinikumaro! It calls you to drink the sage Madhur Somras named Krishna. (3)

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 74
श‍ृ॒णु॒तं ज॑रि॒तुर्हवं॒ कृष्ण॑स्य स्तुव॒तो न॑रा । मध्वः॒ सोम॑स्य पी॒तये॑ ॥ (४)
हे नेता अश्विनीकुमारो! स्तुति करने वाले कृष्ण ऋषि की पुकार सुनो और मधुर सोमरस पीने के लिए आओ. (४)
O leader Ashwinikumaro! Listen to the call of the sage Krishna who praises and come to drink the sweet somras. (4)

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 74
छ॒र्दिर्य॑न्त॒मदा॑भ्यं॒ विप्रा॑य स्तुव॒ते न॑रा । मध्वः॒ सोम॑स्य पी॒तये॑ ॥ (५)
हे नेता अश्विनीकुमारो! स्तुति करने वाले ब्राह्मण कृष्ण के लिए शत्रुओं की हिंसा से रहित घर दो एवं सोमरस पीने के लिए आओ. (५)
O leader Ashwinikumaro! Come to the house devoid of the violence of the enemies and drink somras for krishna, the brahmin who praises him. (5)

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 74
गच्छ॑तं दा॒शुषो॑ गृ॒हमि॒त्था स्तु॑व॒तो अ॑श्विना । मध्वः॒ सोम॑स्य पी॒तये॑ ॥ (६)
हे अश्चिनीकुमारो! इस प्रकार स्तुति करते हुए स्तोता के घर तुम मधुर सोमरस पीने के लिए जाओ. (६)
O aschinikumaro! Thus go to the house of the hymn while praising you to drink the sweet somras. (6)

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 74
यु॒ञ्जाथां॒ रास॑भं॒ रथे॑ वी॒ड्व॑ङ्गे वृषण्वसू । मध्वः॒ सोम॑स्य पी॒तये॑ ॥ (७)
हे अभिलाषापूरक धन वाले अश्विनीकुमारो! मधुर सोमरस पीने के लिए दृढ़ अंगों वाले अपने रथ में गधों को जोड़ो. (७)
This is Ashwinikumaro with full-fledged wealth! Add donkeys to your chariot with firm limbs to drink the melodious somras. (7)

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 74
त्रि॒व॒न्धु॒रेण॑ त्रि॒वृता॒ रथे॒ना या॑तमश्विना । मध्वः॒ सोम॑स्य पी॒तये॑ ॥ (८)
हे अश्विनीकुमारो! मधुर सोमरस पीने के लिए तीन वंधुराओं तथा तीन कोनों वाले रथ की सहायता से आओ. (८)
O Ashwinikumaro! Come with the help of three vandhuras and a chariot with three corners to drink the sweet somras. (8)
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