हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.81.10

मंडल 8 → सूक्त 81 → श्लोक 10 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 81
अत॑श्चिदिन्द्र ण॒ उपा या॑हि श॒तवा॑जया । इ॒षा स॒हस्र॑वाजया ॥ (१०)
हे इंद्र! द्युलोक से ही सैकड़ों अन्नों एवं हजारों शक्तियों से युक्त होकर हमारे पास आओ. (१०)
O Indra! Come to us with hundreds of grains and thousands of powers from Dulok itself. (10)