हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.81.9

मंडल 8 → सूक्त 81 → श्लोक 9 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 81
शिक्षा॑ ण इन्द्र रा॒य आ पु॒रु वि॒द्वाँ ऋ॑चीषम । अवा॑ नः॒ पार्ये॒ धने॑ ॥ (९)
हे स्तुति द्वारा संबोधन करने योग्य एवं विद्वान्‌ इंद्र! शत्रुओं का धन लेकर हमें अनेक बार दो. (९)
O you are able to address by praise and scholarly Indra! Take the money of the enemies and give it to us many times. (9)