हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.81.12

मंडल 8 → सूक्त 81 → श्लोक 12 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 81
व॒यमु॑ त्वा शतक्रतो॒ गावो॒ न यव॑से॒ष्वा । उ॒क्थेषु॑ रणयामसि ॥ (१२)
हे अनेक कमो वाले इंद्र! गोपाल गायों को जिस प्रकार जौ के खेत में विशेष रूप से प्रसन्न करता है, उसी प्रकार हम तुम्हें उकथों द्वारा प्रसन्न करेंगे. (१२)
O indra with many many commen! Just as Gopal makes the cows especially happy in the barley field, so we will please you by the eagles. (12)