हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.82.16

मंडल 8 → सूक्त 82 → श्लोक 16 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 82
श्रु॒तं वो॑ वृत्र॒हन्त॑मं॒ प्र शर्धं॑ चर्षणी॒नाम् । आ शु॑षे॒ राध॑से म॒हे ॥ (१६)
हे ऋत्विजो! मैं प्रसिद्ध, सर्वाधिक शन्रुहंता एवं बली इंद्र की स्तुति तुम प्रजाओं को महान्‌ धन दिलाने के लिए करता हूं. (१६)
Hey Ritvijo! I praise the famous, most celebrated, most shanruhanta and bali indra for bringing great wealth to you people. (16)