ऋग्वेद (मंडल 8)
त्यान्नु ये वि रोद॑सी तस्त॒भुर्म॒रुतो॑ हुवे । अ॒स्य सोम॑स्य पी॒तये॑ ॥ (११)
जिन मरुतों ने द्यावा-पृथिवी को स्तब्ध किया है, मैं उन्हीं को सोमरस पीने के लिए बुलाता हूं. (११)
I call the maruts who have stunned The Dyava-Prithvivi to drink somras. (11)