हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.91.20

मंडल 8 → सूक्त 91 → श्लोक 20 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 91
यद॑ग्ने॒ कानि॒ कानि॑ चि॒दा ते॒ दारू॑णि द॒ध्मसि॑ । ता जु॑षस्व यविष्ठ्य ॥ (२०)
हे युवा-अग्नि! तुम्हारे लिए मैं जो भी कुछ लकड़ियां धारण करता हूं, तुम उन्हें स्वीकार करो. (२०)
O young man, agni! Whatever wood I wear for you, you accept them. (20)