ऋग्वेद (मंडल 8)
न॒हि मे॒ अस्त्यघ्न्या॒ न स्वधि॑ति॒र्वन॑न्वति । अथै॑ता॒दृग्भ॑रामि ते ॥ (१९)
हे अग्नि! मेरे पास गाय नहीं है. मेरे पास लकड़ियां काटने वाला कुठार भी नहीं है. ऐसा साधनहीन मैं तुम्हें धारण करता हूं. (१९)
O agni! I don't have a cow. I don't even have a wood-cutting axe. Such a meansless I hold you. (19)