हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.105.4

मंडल 9 → सूक्त 105 → श्लोक 4 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 105
गोम॑न्न इन्दो॒ अश्व॑वत्सु॒तः सु॑दक्ष धन्व । शुचिं॑ ते॒ वर्ण॒मधि॒ गोषु॑ दीधरम् ॥ (४)
हे शोभन बल वाले सोम! तुम निचुड़कर हमारे लिए गायों और घोड़ों से युक्त धन लाओ. मैं तुम्हारे पवित्र रस को गायों के दूध के साथ मिलाता हूं. (४)
O Sobhan Bale Wale Mon! You can bring us money containing cows and horses. I mix your holy juice with the milk of the cows. (4)