हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.106.13

मंडल 9 → सूक्त 106 → श्लोक 13 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 106
पव॑ते हर्य॒तो हरि॒रति॒ ह्वरां॑सि॒ रंह्या॑ । अ॒भ्यर्ष॑न्स्तो॒तृभ्यो॑ वी॒रव॒द्यशः॑ ॥ (१३)
अभिलाषायोग्य एवं हरे रंग वाले सोम वेग के साथ टेढ़े-मेढ़े दशापवित्र पर छनते हैं एवं स्तोताओं को संतानयुक्त धन देते हैं. (१३)
The crooked and green-coloured mons with velocity filter on the dasapavittra and give the psalms child-like money. (13)