हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.13.3

मंडल 9 → सूक्त 13 → श्लोक 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 13
पव॑न्ते॒ वाज॑सातये॒ सोमाः॑ स॒हस्र॑पाजसः । गृ॒णा॒ना दे॒ववी॑तये ॥ (३)
अत्यंत शक्तिदाता एवं स्तुति वाले सोम अन्नप्राप्ति एवं यज्ञपूर्ति के लिए टपकते हैं. (३)
The most powerful and praising Mons drip for annaparna and yajnapurpurna. (3)