हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.13.4

मंडल 9 → सूक्त 13 → श्लोक 4 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 13
उ॒त नो॒ वाज॑सातये॒ पव॑स्व बृह॒तीरिषः॑ । द्यु॒मदि॑न्दो सु॒वीर्य॑म् ॥ (४)
हे सोम! हमें अन्न देने के लिए दीप्तियुक्त एवं शक्ति वाली धाराएं गिराओ. (४)
Hey Mon! Drop bright and powerful streams to give us food. (4)