ऋग्वेद (मंडल 9)
अति॑ श्रि॒ती ति॑र॒श्चता॑ ग॒व्या जि॑गा॒त्यण्व्या॑ । व॒ग्नुमि॑यर्ति॒ यं वि॒दे ॥ (६)
उंगलियों द्वारा निचोड़े जाते हुए सोम गाय के दूध-दही में मिलने के लिए तिरछे चलते हैं एवं शब्द करते हैं. (६)
Being squeezed by his fingers, Mon walks diagonally and says words to meet in the cow's milk-curd. (6)