हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.14.6

मंडल 9 → सूक्त 14 → श्लोक 6 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 14
अति॑ श्रि॒ती ति॑र॒श्चता॑ ग॒व्या जि॑गा॒त्यण्व्या॑ । व॒ग्नुमि॑यर्ति॒ यं वि॒दे ॥ (६)
उंगलियों द्वारा निचोड़े जाते हुए सोम गाय के दूध-दही में मिलने के लिए तिरछे चलते हैं एवं शब्द करते हैं. (६)
Being squeezed by his fingers, Mon walks diagonally and says words to meet in the cow's milk-curd. (6)