हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.19.1

मंडल 9 → सूक्त 19 → श्लोक 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 19
यत्सो॑म चि॒त्रमु॒क्थ्यं॑ दि॒व्यं पार्थि॑वं॒ वसु॑ । तन्नः॑ पुना॒न आ भ॑र ॥ (१)
हे सोम! जो विचित्र, प्रशंसनीय, दिव्य एवं पृथ्वी का धन है, तुम निचुड़ते हुए हमें वह सब प्रदान करो. (१)
Hey Mon! What is strange, admirable, divine and the riches of the earth, you, without hesitation, give us all that. (1)